"कानपुर में किडनी ट्रांसप्लांट रैकेट का भंडाफोड़, छह गिरफ्तार"

"कानपुर में किडनी ट्रांसप्लांट रैकेट का भंडाफोड़, छह गिरफ्तार"

Kidney Transplant Racket Busted in Kanpur

Kidney Transplant Racket Busted in Kanpur

कानपुर। Kidney Transplant Racket Busted in Kanpur, कानपुर में एक बड़े किडनी ट्रांसप्लांट रैकेट का राजफाश हुआ है। इसमें दलालों और कुछ चिकित्सकों का अंतर‑राज्यीय नेटवर्क पकड़ा गया है। बिहार, उत्तराखंड और दिल्ली, लखनऊ तक इसका नेटवर्क जुड़ा है। पुलिस ने अब तक छह लोगों को गिरफ्तार कर रैकेट की जानकारी जुटा रहे हैं। 
रावतपुर के जिस अस्पताल में युवक का किडनी ट्रांसप्लांट हुआ उसके संचालक का नेटवर्क दिल्ली और कई अन्य राज्यों तक फैला है। ट्रांसप्लांट कराने के लिए संचालक ने दिल्ली से डाक्टरों की टीम बुलाई थी।

ट्रांसप्लांट के बाद मामला किसी के सामने न आए इसके लिए किडनी दान देने वाले युवक को दूसरे अस्पताल में शिफ्ट करा दिया था, लेकिन चर्चा हैं कि जो रकम किडनी दान करने में तय हुई थी। उसके लेनदेन को लेकर विवाद पैदा हुआ था, जिसकी जानकारी वहां भर्ती कुछ अन्य मरीजों को हुई, जो पुलिस तक पहुंच गई थी।

शहर के अस्पतालों में मरीजों को भर्ती कराने व अंग प्रत्योराेपण के मामले में दलाल शिवम अग्रवाल का कई अस्पतालों में नेटवर्क है। सूत्रों के अनुसार, उसके पास एक मरीज था, जिसे किडनी की जरूरत थी। उसके लिए शिवम किडनी दान करने वाले की तलाश कर रहा था। इसी दौरान उसका संपर्क मेरठ के आयुष से हो गया।

चर्चा है कि उसने 60 लाख रुपये आयुष को दिलाने की बात थी, जिसके लालच में वह आ गया था। ये सौदा आवास विकास तीन के एक अपार्टमेंट में हुआ था। इसके बाद किडनी ट्रांसप्लाट के लिए राजी हो गया था। आयुष को रावतपुर थानाक्षेत्र के केशवपुरम स्थित आहूजा अस्पताल ले जा गया था, जहां किडनीकांड ट्रांसप्लांट के लिए दिल्ली के डाक्टरों की टीम बुलाई गई थी।

किडनी ट्रांसप्लांट कराने के लिए आयुष को रविवार रात लगभग ढाई बजे मेडलाइफ हास्पिटल में भर्ती कराया गया, जबकि जिसे किडनी मिली थी। ट्रांसप्लांट के बाद उसे प्रिया हास्पिटल एंड ट्रामा सेंटर में भेजा गया था। सूत्रों के अनुसार, आहूजा अस्पताल के संचालक का जाल बिहार, दिल्ली, उत्तराखंड, बगांल समेत राज्यों में फैला हुआ है।

गिरोह के सदस्य विभिन्न राज्यों में हैं, जो बेरोजगार युवाओं को अपने जाल में फंसा किडनी ट्रांसप्लांट करने पर मोटी रकम देने का लालच देते हैं। इसके बाद जब कोई ट्रांसप्लांट के लिए तैयार होता तो लखनऊ, दिल्ली और मुंबई से डाक्टरों की टीम बुलाते थे।

तीनों अस्पतालों में तैनात रहे पुलिसकर्मी

आहूजा अस्पताल, मेडलाइफ हास्पिटल व प्रिया हास्पिटल एंड ट्रामा सेंटर में सुरक्षा व्यवस्था का लेकर पुलिसकर्मी तैनात रहे। वहीं, इन तीनों मेडलाइफ में सिर्फ किडनी दान देने वाला आयुष भर्ती मिला, जबकि आहूजा में एक किशोरी भर्ती थी। वहीं, प्रिया में किडनी लेने वाला भर्ती था।